ज्ञान के माध्यम- भाषा का सबसे विश्वसनीय अन्वेषक: प्रो. जोगा सिंह विर्क
प्रो. जोगा सिंह विर्क ( जन्म- 10.7.1053) वास्तव में हिन्दी के योद्धा नहीं है. उनकी मातृभाषा पंजाबी है. वे मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्होंने अपने जीवन का यही मिशन बना लिया है. यदि ऐसा होता है तो देश के 99 प्रतिशत विद्यार्थियों को फायदा होगा, उन विद्यार्थियों का श्रम बचेगा जो ज्ञान अर्जित करने में लगेगा. इससे सबसे ज्यादा फायदा हिन्दी का होगा क्योंकि हिन्दी भाषी विद्यार्थी देश में सबसे ज्यादा हैं. इसीलिए पंजाबी भाषी जोगा सिंह को मैंने ‘हिन्दी का योद्धा’ कहा है. दरअसल भारतीय भाषाएं बची रहेंगी तभी हिन्दी भी बची रहेगी, वर्ना अंग्रेजी सबको लील लेगी। पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला में भाषा विज्ञान विभाग में प्रोफेसर रहे जोगा सिंह विर्क शिक्षा के माध्यम के विषय में गंभीर शोध किया है और ‘भाषा नीति के बारे में अंतर्राष्ट्रीय खोज’ नाम से एक छोटी किन्तु महत्वपूर्ण पुस्तिका की हजारों प्रतियाँ छपवाकर वितरित किया है और वे आज भी इस काम में लगे हुए हैं. उनकी दृढ़ मान्यता है कि मातृभाषाओं के माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा ही उचित, लाभप्रद और उपयोगी हो सकती है. यूनेस्को ...