भौगोलिक भारत के वास्तुकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल
आजाद भारत में मात्र 3 वर्ष 4 माह तक जीवित रहने वाले देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल (31.10.1875 -15.12.1950) ने देश में फैली 565 रियासतों को अपनी कूटनीति और सूझबूझ के बलपर भारत में विलय कराया और भारत को भौगोलिक तथा राजनीतिक दृष्टि से एक इकाई बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया। लोग उनकी तुलना महान कूटनीतिज्ञ जर्मन चांसलर बिस्मार्क से करते हैं और उन्हें ‘लौहपुरुष’ कहकर उनके अपूर्व साहस और सूझबूझ की दाद देते हैं। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में एक किसान परिवार में हुआ था। सरदार पटेल के पिता झबेरभाई एक धर्मपरायण व्यक्ति थे। वल्लभभाई की माता लाड़बाई भी अपने पति की तरह एक धर्मपरायण महिला थीं। वल्लभभाई पांच भाई थे और उनकी एक बहन थी। वे अपने माता पिता की चौथी सन्तान थे। 1893 में 16 साल की उम्र में उनका विवाह झावेरबा के साथ कर दिया गया था। किन्तु उन्होंने कभी अपने विवाह को अपनी पढ़ाई में बाधक नहीं बनने दिया। सन् 1908 में, पटेल जब सिर्फ 33 साल के थे, उनकी पत्नी का निधन हो गया। उस समय उनके एक पुत्र और एक पुत्री थी। इसके बाद उन्होंने विधुर का ज...