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Showing posts from January, 2020

अविश्वसनीय प्रतिभा के हिन्दी योद्धा : रांगेय राघव

जिनका आज जन्मदिन है.-3 अविश्वसनीय प्रतिभा के हिन्दी योद्धा : रांगेय राघव मात्र 39 वर्ष की उम्र (जन्म-17.01.1923) और डेढ़ सौ से अधिक ग्रंथों का प्रणयन। ग्रंथ भी साधारण नहीं। कई बहुचर्चित और बहुप्रशंसित। मातृभाषा तेलुगू किन्तु अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत, तमिल पर समान अधिकार। अंग्रेजी, जर्मन और फ्रेंच के साहित्यकारों की कृतियों का भी हिन्दी में अनुवाद। अनुवाद भी ऐसा कि शेक्सपियर के नाटकों के अनुवाद देखकर लोग उन्हें ‘हिन्दी का शेक्सपियर’ कहने लगे। वे एक साथ उपन्यासकार, कहानीकार, नाटककार, रिपोर्ताजकार, निबंधकार, कवि, आलोचक, अनुसंधित्सु और अनुवादक थे। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट भी किया था। अगर सारे प्रमाण उपलब्ध न होते तो भला हम विश्वास कैसे कर पाते ? उनके बारे में कहा जाता था कि जितने समय में कोई एक किताब पढ़ता है, उतने में वे एक किताब लिख देते हैं। आगरा में जन्म लेने वाले रांगेय राघव मूलत: तेलुगु भाषी थे और उनका मूल नाम तिरुमल्लै नंबाकम वीर राघव आचार्य था। इनकी माता श्रीमती कनकवल्ली और पत्नी का नाम श्रीमती सुलोचना था। उन्होंने स्वयं अपना साहित्यिक नाम ‘रांगेय राघव’ रखा। उन्हो...

हिन्दी के आयरिश योद्धा : डॉ. सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

जिनका आज जन्मदिन है.-2 हिन्दी के ऑयरिश योद्धा : डॉ. सर जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन ( 7.1.1851 ) आयरलैंड के निवासी थे और भारतीय सिविल सर्विस के अधिकारी के रूप में भारत आए तथा विभिन्न पदों पर लगभग 26 वर्ष भारत में रहे किन्तु उनकी ख्याति वास्तव में उनके द्वारा किए गए 11 खंडों में प्रकाशित महान ऐतिहासिक कार्य ‘भारत का भाषा सर्वेक्षण’ के कारण विशेष है, जिसे उन्होंने सन् 1894ई. से लेकर 1928 ई. तक लगातार अथक परिश्रम करके पूरा किया था. इसमें 179 भाषाओं और 544 बोलियों को सविस्तार सर्वेक्षण है. दैनिक जीवन में व्यवहृत होने वाली भाषाओं और बोलियों का इतना सूक्ष्म अध्ययन पहले कभी नहीं हुआ था. इस सर्वे के अलावा भी ग्रियर्सन की भाषा संबंधी कई पुस्तकें प्रकाशित हैं जिनमें ‘मैथिली ग्रामर’, ‘सेवेन ग्रामर्स ऑव द डायलेक्ट्स ऑव द बिहारी लैंग्वेजेज’, ‘इंट्रूडक्शन टु द मैथिली लैंग्वेज’, ‘हैंडबुक टु द कैथी कैरेक्टर’, ‘बिहार पीजेंट लाइफ’, ‘कश्मीरी व्याकरण और कोश’ तथा ‘द मॉडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑव हिन्दुस्तान’ प्रमुख है. भाषा के अलावा ग्रियर्सन की रुचि पाठ संपादन में भी थी और उन्होंने क...

जिनका आज जन्म दिन है-1, हिन्दी के योद्धा गुणाकर मुले

जिनका आज जन्मदिन है.-1 विज्ञान को हिन्दी में सुलभ कराने वाले अप्रतिम योद्धा : गुणाकर मुले सरल हिन्दी में विज्ञान को जन -जन तक पहुँचाने में मराठी भाषी गुणाकर मुले ( 3.1.1935) का योगदान अप्रतिम है. महाराष्ट्र के अमरावती जिले में जन्म लेने वाले गुणाकर मुले ने इलाहाबाद से गणित में एम.ए. किया और बाकी जीवन दिल्ली में गुजारा. मुले जी महापंडित राहुल सांकृत्यायन के शिष्य थे और वर्षों तक वे दार्जीलिंग स्थित राहुल संग्रहालय से भी संबद्ध रहे. उन्होंने हिन्दी और अंग्रेजी दोनो भाषाओं में लिखा है. हिन्दी में उनकी लगभग पैंतीस पुस्तकें प्रकाशित हैं. इनमें ‘आकाश दर्शन’, ‘अंक कथा’, ‘अल्बर्ट आइंस्टाइन’, ‘संसार के महान वैज्ञानिक’, ‘भारतीय विज्ञान की कहानी’, ‘भारतीय अंकपद्धति की कहानी’, ‘ज्यामिति की कहानी’, ‘प्राचीन भारत के महान वैज्ञानिक’, ‘आधुनिक भारत के महान वैज्ञानिक’, ‘एशिया के महान वैज्ञानिक’, ‘काल की वैज्ञानिक अवधारणा’, ‘कृषि-कथा’, ‘गणित की पहेलियाँ’, ‘गणित से झलकती संस्कृति’, ‘ज्यामिति की कहानी’, ‘आपेक्षिकता का सिद्धांत क्या है ?’, ‘आर्किमिडीज’, ‘आर्यभट’, ‘ऊर्जा संकट और हमारा भविष्य’, ‘अंतरिक्ष या...